katha kunj

katha kunj
आसमान में तारे गिनती सुकन्या ईश्वर से कह रही थी कि मेरे किस जन्म की सजा आपने मुझे दी कि मुझे शादी के 10 वर्ष बाद भी कोई औलाद नही दी,और बस 2 बूंद आंसू छलके जमीन पर गई पड़े , यही क्रम विवाह के एक वर्ष बाद से हर रात चल रहा था,डॉक्टरों का हर प्रयास निष्फल और दुआओं का निष्प्रभावी होना यही जीवन का अंग बन गया था, सुवह सुकन्या जल्दी उठी विवाह की वर्षगांठ थी तो सोंचा इस वर्ष अनाथालय में बच्चो के साथ...More

You may also like...

Volga Se Ganga

Historical Fiction & Period Short Stories Social Stories Hindi

Rangbhoomi

Novel Social Stories Hindi
TAMAS 8.0

TAMAS

Historical Fiction & Period Novel Social Stories Hindi

Sahiyari vartao - 2

Short Stories Social Stories Gujarati

Chandra

Short Stories Marathi

2 States

Novel Romance Social Stories English